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भारतीय संविधान की विशेषताएं

भारतीय संविधान का निर्माण कार्य 2 वर्ष, 11 महीने तथा 18 दिनों में संपन्न हुआ।

इस संविधान के निर्माण के लिए नवम्बर १९४६(1946) में संविधान सभा का गठन हुआ, जिसमें कुल ३८९ (389) सदस्य थे। इन 389 सदस्यों में से , २९२(292) सदस्य प्रान्तों से, ९३(93) सदस्य देशी रियासतों से तथा शेष ४(4) सदस्य कमिशनरी क्षेत्रों से थे।

संविधान सभा कि प्रथम बैठक नई दिल्ली के संसद भवन में ९(9) दिसम्बर १९४६(1946) को संपन्न हुआ, जिसमें डॉ सचिदानंद सिन्हा नें अध्यक्षता की। भारतीय संविधान के प्रथम बैठक में स्थायी अध्यक्ष का चुनाव नही हुआ था।

डॉ राजेंद्र प्रसाद को ११(11) दिसम्बर १९४६(1946) से संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया।

संविधान निर्माण कार्य के लिए जवाहरलाल नेहरु नें संविधान सभा के सामने 13 दिसम्बर 1946 को उद्देश्य प्रस्ताव रखा, जिसे संविधान सभा नें 22 जनवरी १९४७ (1947) को पारित किया।

संविधान सभा के प्रथम बैठक का बहिस्कार मुस्लिम लीग ने किया था।

भारतीय संविधान में माउंटबेटन योजना का प्रभाव

3 जून १९४७ (1947) को “माउंटबेटन योजना” के तहत भारत का विभाजन हुआ। इस योजना के तहत भारत दो हिस्सों में, भारत और पाकिस्तान के रूप में विभाजित किया गया ।

साथ ही इस योजना में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान के संविधान के निर्माण के लिए पृथक संविधान सभा का भी निर्माण होगा।
इस कारण बंगाल, असम के सिलहट जिले, बलूचिस्तान, पंजाब और सिंध का विभाजन हुआ, जोकि पाकिस्तान में सम्मिलित हो गये। जिसके कारण इन क्षेत्रों में से, पहले से चुने हुए सदस्य प्रतिनिधि, अब भारतीय संविधान सभा के सदस्य नही रहें।

विभाजन के उपरांत भारत के हिस्से में आये बंगाल का पश्चिमी भाग, पंजाब का पूर्वी हिस्सा में पुनः निर्वाचन करवाए गये।
इस योजना के परिणामस्वरूप क्षेत्रों के बंटवारे होने से भारतीय संविधान सभा के सदस्यों के संख्या कम हुए।

26 नवम्बर 1949 को संविधान का अंतिम प्रारूप बन कर तैयार हुआ। इस प्रारूप को 284 संविधान सभा के सदस्यों नें अंतिम स्वीकृति दिया। परन्तु पूर्ण रूप से लागू नही किया गया।

संविधान के कुछ उपबंधों जैसे कि नागरिकता से सम्बंधित, अंतरिम संसद तथा निर्वाचन से सम्बंधित उपबंधो आदि को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।

26 जनवरी 1950 को संपूर्ण संविधान को पुरे भारत में लागू किया गया और भारत एक गणतांत्रिक राज्य बना। इसी दिन को प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा द्वारा विभिन्न समितियां बनाये गए- जैसे कि- प्रारूप समिति, संचालन समिति, संघीय संविधान समिति, झंडा समिति, प्रांतीय समिति…आदि।

इस संविधान निर्माण कार्य 165 बैठकें तथा 11 अधिवेशन में संपन्न हुआ ।

भारतीय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियां थे।

भारतीय संविधान की विशेषताएं

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